Welcome, Guest   [ Register | Sign In | Take a tour | Adult Filter: On ]

राजनैतिक कारणों से बिना दूरदर्शी दृष्तटकोण अपनाये १९९० के दशक में कुछ राजनेताओं ने खुले हाथों मुफ्त बिजली बांटी . इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि एक समूची पीढ़ी को मुफ्त विद्युत उपयोग की आदत पड गई है . लोग बिजली को हवा , पानी की तरह ही मुफ्त का माल समझने लगे हैं . विद्युत प्रणाली के साथ बुफे डिनर सा मनमाना व्यवहार होने लगा है . जिसे जब जहाँ जरूरत हुई स्वयं ही लंगर ,हुक ,आंकडा डालकर तार जोड कर लोग अपना ...आगे पढ़ें... 

रूसी, जलविद्युत संयंत्र, दुर्घटना में 7 की मौत.
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार एक अधिकारी ने कहा कि यह दुर्घटना दक्षिणी साईबेरिया में स्थित ... vivek ranjan shrivastava द्वारा 4 सितंबर, 2009 10:31:00 PM IST पर पोस्टेड
पुलिस अपराधियों को पकड़ने के साथ खुद भी चोरी का काम शुरू कर चुकी है।
पुलिस पर बिजली चोरी का आरोप है। मुंबई पुलिस अपराधियों को पकड़ने के साथ खुद भी चोरी का काम शुरू कर ... vivek ranjan shrivastava द्वारा 21 मार्च, 2009 10:32:00 PM IST पर पोस्टेड
चरखा बना बिजली उत्पादन का जरिया
राजस्थान के जयपुर के पास के कुछ गांवों में चरखा ही बिजली उत्पादन का जरिया बन गया है। महात्मा गांधी ... vivek ranjan shrivastava द्वारा 10 मार्च, 2009 8:55:00 AM IST पर पोस्टेड
बिजली बचाने के कुछ और गुर
ओवन , प्रेस , वाशिंग मशीन का एकजाई उपयोग ओवन , प्रेस , वाशिंग मशीन जैसे उपकणों की क्षमता के ... vivek ranjan shrivastava द्वारा 28 जनवरी, 2009 9:09:00 AM IST पर पोस्टेड
रूसी, जलविद्युत संयंत्र, दुर्घटना में 7 की मौत.
समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार एक अधिकारी ने कहा कि यह दुर्घटना दक्षिणी साईबेरिया में स्थित ... vivek ranjan shrivastava द्वारा 4 सितंबर, 2009 10:31:00 PM IST पर पोस्टेड